नए साल पर कड़ाके की सर्दी और बारिश का अलर्ट: पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बदलेगा मौसम ; नमस्ते दोस्तों, स्काइमेट वेदर की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार नए साल की शुरुआत उत्तर और मध्य भारत में भारी मौसमी बदलावों के साथ होने वाली है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पहाड़ों पर पहुंच चुका है, जिसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना है। इसी के साथ एक प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र राजस्थान के ऊपर बना हुआ है, जो मैदानी इलाकों के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
मैदानी राज्यों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजस्थान में भी गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे पश्चिमी जिलों से लेकर पूर्वी हिस्सों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का असर देखने को मिलेगा। इस बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में काफी गिरावट आएगी, जिससे कड़ाके की ठंड का अहसास बढ़ जाएगा। दक्षिण भारत में भी तमिलनाडु, श्रीलंका और दक्षिणी कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे यह मौसमी सिस्टम 2 जनवरी के बाद आगे बढ़ेगा, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को और नीचे गिराएंगी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में कड़ाके की सर्दी और शीत लहर (Cold Wave) की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी 3-4 जनवरी से ठंड का असर तेज होने का अनुमान है। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जो यातायात को प्रभावित कर सकता है।
नए साल के जश्न और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रह सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय सतर्क रहें। कड़ाके की ठंड और बारिश को देखते हुए अपनी सेहत का ध्यान रखें और सुरक्षित तरीके से नए साल का स्वागत करें।







